कोटद्वार के सतीचौड़ स्थित सिद्धबली बाबा मातृत्व आश्रम की गौशाला में गोवंश की सेवा और संरक्षण का कार्य पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ निरंतर जारी है। इस गौशाला में बड़ी संख्या में गाय, बैल और छोटे-छोटे बछड़े मौजूद हैं, जिनकी देखभाल के लिए महिला और पुरुष कर्मचारी पूरी तल्लीनता से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
विशेष ध्यान और व्यवस्थाएं:
गौशाला में रह रहे छोटे-छोटे बछड़ों की मासूमियत हर किसी का मन मोह लेती है। यहां इन बेजुबान पशुओं के खानपान, रहने की उचित व्यवस्था, साफ-सफाई और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। इसके साथ ही, गायों और बैलों को समय पर चारा-पानी उपलब्ध कराने के साथ उनकी नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जा रही है।
गौशाला में कार्यरत महिला कर्मचारी गोसेवा के इस कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वे बछड़ों को भोजन कराने, पशुओं की साफ-सफाई और उनकी देखरेख जैसी विभिन्न जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं। वहीं, पुरुष कर्मचारी भी गौशाला की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में पूरा सहयोग कर रहे हैं। सभी कर्मचारी मिलकर गोवंश की सेवा में लगातार जुटे हुए हैं।
जनप्रतिनिधियों का जुड़ाव:
इस गौशाला से क्षेत्रीय एवं लैंसडौन विधायक महंत दिलीप रावत का भी विशेष जुड़ाव रहा है। गौशाला में बेहतर सेवा और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए उनका निरंतर योगदान रहता है।