कोटद्वार सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने सफल घोषित हुए सभी छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके बेहतर कल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
अपने सोशल मीडिया माध्यम से विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि परीक्षा परिणाम केवल अंकों का एक विवरण मात्र नहीं है। यह विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, कड़े अनुशासन, धैर्य और उनके सपनों की दिशा में उठाया गया एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं की विशेष सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता उनकी लगन, समर्पण और निरंतर किए गए प्रयासों का ही प्रतिफल है।
विद्यार्थी जीवन को याद कर गुरु डॉ. आर.पी. ध्यानी को किया नमन
सुरेंद्र सिंह नेगी ने विद्यार्थियों की इस सफलता के पीछे उनके अभिभावकों और गुरुजनों के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र की सफलता के पीछे माता-पिता के संस्कार, उनका त्याग व मार्गदर्शन तथा शिक्षकों की शिक्षा और प्रेरणा का विशेष योगदान होता है।इस अवसर पर पूर्व मंत्री ने भावुक होते हुए अपने विद्यार्थी जीवन को भी स्मरण किया। उन्होंने अपने प्रेरणास्रोत और विद्वान गुरु आदरणीय डॉ. आर.पी. ध्यानी जी को याद करते हुए कहा कि गुरुजनों से मिले संस्कार, अनुशासन और शिक्षा ने ही उनके व्यक्तित्व का निर्माण किया और उनके जीवन की दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कम अंक पाने वाले छात्रों का बढ़ाया हौसला, कहा– “असफलता अंत नहीं”
विशेष बात यह रही कि पूर्व मंत्री ने उन विद्यार्थियों का भी ढांढस बंधाया जिनके अंक उम्मीद के मुताबिक नहीं आए या जो इस बार परीक्षा में सफल नहीं हो सके। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन किसी एक परीक्षा, अंकतालिका (मार्कशीट) या परिणाम से तय नहीं होता है। असफलता कभी अंत नहीं होती, बल्कि यह स्वयं को पहचानकर और बेहतर बनाने का एक नया अवसर देती है।
नशे और नकारात्मकता से दूर रहने का आह्वान
युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए उन्होंने छात्रों से नशे, गलत संगति और नकारात्मक सोच से पूरी तरह दूर रहने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि सफलता का वास्तविक अर्थ केवल अच्छे अंक हासिल करना नहीं है, बल्कि एक अच्छे चरित्र का निर्माण, स्पष्ट लक्ष्य और समाज व राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भाव विकसित करना भी है।
उन्होंने समस्त अभिभावकों से भी विशेष अपील की कि वे बच्चों के पठन-पाठन, उनके व्यक्तित्व विकास तथा नैतिक मार्गदर्शन में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाते रहें, ताकि हमारे युवा भविष्य में प्रदेश और देश का नाम पूरे विश्व में रोशन कर सकें।
“अभी असली अध्याय शुरू हुआ है “
अंत में उन्होंने सभी विद्यार्थियों को एक प्रेरक संदेश देते हुए कहा, “बड़े सपने देखें, निरंतर सीखते रहें, अगर गिरें तो फिर से उठें, लेकिन कभी रुकें नहीं। आपकी कहानी अभी समाप्त नहीं हुई है, बल्कि जिंदगी का असली अध्याय तो अभी शुरू हुआ है।”