उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है। शपथ ग्रहण समारोह के मंच पर दोनों नेताओं की मौजूदगी और आपसी संवाद ने राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है।
शपथ ग्रहण के बाद शुभेंदु अधिकारी ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात करते हुए जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंचे, तब वहां एक अलग ही दृश्य देखने को मिला।
अन्य नेताओं से अलग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुभेंदु अधिकारी को भगवा पटका पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच हुई आत्मीय बातचीत ने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात के कई राजनीतिक संकेत हो सकते हैं।
सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि क्या उत्तर प्रदेश में चर्चित “योगी मॉडल” की झलक अब पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासन में भी देखने को मिलेगी। गौरतलब है कि चुनावी अभियान के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने कई बार कानून-व्यवस्था, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विकास से जुड़े मुद्दों पर उत्तर प्रदेश मॉडल की सराहना की थी।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, भगवा पटका पहनाकर किया गया सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भाजपा के भीतर वैचारिक एकजुटता और राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। अब आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में इसके क्या प्रभाव दिखाई देते हैं, इस पर सबकी नजर बनी हुई है।