मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को जनपद पौड़ी गढ़वाल के भ्रमण के दौरान जनपद मुख्यालय स्थित श्रीनगर रोड पर जिला प्रशासन द्वारा विकसित आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण किया तथा रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद को 19 विकास योजनाओं की सौगात देते हुए 14 योजनाओं का शिलान्यास एवं 5 योजनाओं का लोकार्पण किया।
जनपद मुख्यालय पहुंचने पर मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ हॉनर दिया गया। साथ ही गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप, जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीनगर रोड स्थित जिला विज्ञान संग्रहालय पहुंचे, जहां उन्होंने संग्रहालय का विधिवत लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने संग्रहालय में विकसित की गयी विज्ञान आधारित गतिविधियों और प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।
भ्रमण के दौरान संग्रहालय पहुंचने पर बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं द्वार मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने संग्रहालय का भ्रमण कर विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित इंटरएक्टिव मॉडलों, वैज्ञानिक प्रदर्शनों, एवं आधुनिक उपकरणों का अवलोकन किया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उन्हें संग्रहालय में स्थापित वैज्ञानिक प्रदर्शनों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बच्चे उत्साहित नजर आए। उन्होंने स्वयं भी कई प्रदर्शनियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विज्ञान, अंतरिक्ष, ऊर्जा, पर्यावरण एवं तकनीकी नवाचारों से संबंधित प्रदर्शनों का अवलोकन करते हुए कहा कि ऐसे विज्ञान संग्रहालय बच्चों में जिज्ञासा, अनुसंधान की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने संग्रहालय में स्थापित महान वैज्ञानिकों के जीवन एवं योगदान से संबंधित प्रदर्शनों का अवलोकन किया तथा विज्ञान शिक्षा को जनसामान्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित की गई विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संग्रहालय परिसर में विकसित की गई शिक्षण आधारित अवधारणाओं, आकर्षक साइनेज, जागरूकता संदेशों तथा सौंदर्यीकरण कार्यों का भी अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला विज्ञान संग्रहालय केवल प्रदर्शनी स्थल नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक आधुनिक विज्ञान शिक्षण एवं नवाचार केंद्र के रूप में कार्य करेगा। यहां बच्चे विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से समझ सकेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संग्रहालय जनपद के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, जिज्ञासा और नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा वैज्ञानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
जिलाधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जिला विज्ञान संग्रहालय का विकास जिला योजना के अंतर्गत “बिल्डिंग एज लर्निंग एड” की अवधारणा पर किया गया है। पूर्व में यह भवन अनुपयोगी स्थिति में था, जिसे जिला प्रशासन द्वारा पुनर्विकसित कर विज्ञान, नवाचार और शिक्षण का आकर्षक केंद्र बनाया गया है। भवन की दीवारों, गलियारों एवं विभिन्न स्थलों को शिक्षण सामग्री के रूप में विकसित करते हुए विज्ञान संबंधी अवधारणाओं, प्रेरणादायक संदेशों और ज्ञानवर्धक प्रदर्शनों से सजाया गया है, जिससे यह भवन स्वयं एक जीवंत शिक्षण माध्यम के रूप में कार्य कर रहा है।
जनपद भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री कंडोलिया मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने कंडोलिया देवता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा देवस्थल की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने रामलीला मैदान पहुंचकर जय कंडोलिया पौड़ी महोत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम स्थल पर राजकीय इंटर कॉलेज पौड़ी नगर, बी आर मॉडर्न स्कूल पौड़ी, हिल्स इंटरनेशनल स्कूल पौड़ी के बच्चों ने मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सलामी दी। इसके पश्चात उन्होंने विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण तथा शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कंडोलिया देवता को नमन करते हुए कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि पौड़ी आकर उन्हें सदैव शांति, आत्मीयता और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से पौड़ी में नवस्थापित विज्ञान संग्रहालय का भ्रमण करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह बच्चों और युवाओं में विज्ञान, नवाचार तथा अनुसंधान की भावना को प्रोत्साहित करेगा और भावी वैज्ञानिकों के सपनों को नई उड़ान देगा।
आज जनपद के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। इस अवसर पर लगभग 110 करोड़ रुपये की लागत से 19 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है तथा अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ हाउस ऑफ हिमालय, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, मिलेट मिशन, नई पर्यटन एवं फिल्म नीति, स्वरोजगार तथा होमस्टे योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। पिछले चार वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को पूर्ण पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब भर्ती प्रक्रिया में “न कोई पर्ची, न कोई खर्ची” का सिद्धांत प्रभावी रूप से लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सनातन संस्कृति, मूल स्वरूप और सामाजिक सौहार्द की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से समान नागरिक संहिता (यूसीसी), धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून तथा सख्त भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राजनीति और कुर्सी युवाओं के भविष्य तथा देवभूमि की अस्मिता से बड़ी नहीं हो सकती और राज्य सरकार सुशासन, विकास तथा जनकल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, गंगा संस्कृति केंद्र, सिंगटाली पुल, पौड़ी-श्रीनगर मार्ग चौड़ीकरण, झील निर्माण, ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तथा खेल अवस्थापना से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी और रोजगार व पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाएंगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कंडोलिया महोत्सव को सरकारी कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे महोत्सव को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी तथा उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच प्राप्त होगा।
शिलान्यास की प्रमुख योजनाओं में सिंगटाली में गंगा नदी पर सेतु निर्माण, कोटा-देवप्रयाग से व्यासघाट मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण, व्यासघाट से ग्राम सिल्सू मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण एवं सुधारीकरण, गोदी-बजूण मोटर मार्ग का सुधारीकरण, पौड़ी स्थित पुरानी जेल भवन का रेनोवेशन कार्य, अपर बाजार एवं माल रोड पौड़ी सौंदर्यीकरण कार्य तथा विभिन्न क्षेत्रों में मोटर मार्ग निर्माण कार्य, बाढ़ सुरक्षा एवं सिंचाई नहरों के पुनरोद्धार से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं लोकार्पित योजनाओं में जाखणीखाल-ठंठोली-रणेथ मोटर मार्ग का डामरीकरण, श्रीकोट गंगानाली स्थित 400 मीटर सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, स्पोर्ट्स स्टेडियम श्रीकोट गंगानाली में फुटबॉल ग्राउंड एवं एथलेटिक ट्रैक, कंडोलिया इंडोर स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट का उन्नयन तथा श्रीनगर रोड स्थित आधुनिक विज्ञान संग्रहालय की स्थापना कार्य प्रमुख रूप से शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से सड़क संपर्क, पर्यटन, खेल, शिक्षा, सिंचाई एवं आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में व्यापक सुधार होगा तथा जनपद के समग्र विकास को नयी गति मिलेगी।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन पौड़ी जनपद के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है, क्योंकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं यहां उपस्थित होकर जनपद को विकास की नई सौगातें दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पौड़ी के प्रति विशेष स्नेह और आत्मीय जुड़ाव रहा है। पौड़ी के विकास, यहां की मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री सदैव संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जनपद में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, पेयजल तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने समय-समय पर पौड़ी की आवश्यकताओं को प्राथमिकता देते हुए अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है, जिससे क्षेत्र के विकास को मजबूती मिली है। विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री का दिल हमेशा पौड़ी के लिए खुला रहता है और वे जनपद के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करते रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का जनपदवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि उनके मार्गदर्शन में पौड़ी विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ पौड़ी की सांस्कृतिक पहचान, लोक परंपराओं और जनभागीदारी का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव स्थानीय कला, संस्कृति और प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपद में विकास कार्यों को नई गति मिली है तथा युवाओं और महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कंडोलिया महोत्सव पौड़ी की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, विधायक लैंसडाउन दिलीप रावत, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष जसपाल नेगी, राजेंद्र प्रसाद टम्टा, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं एवं जनसमूह उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार एवं हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के निदेशक गणेश खुगशाल ‘गणी’ ने किया।