नई दिल्ली, 28 जुलाई 2026।केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 88वें स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के ग्राम सतपाली, पट्टी रिग्वाडस्यू निवासी एवं सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त सहायक कमांडेंट श्री संजय कुमार रावत, पुत्र श्री बलवीर सिंह रावत, को उनकी उत्कृष्ट, सराहनीय एवं विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया।
27 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के शौर्य, वसंत कुंज में आयोजित सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक श्री प्रवीण सूद द्वारा राष्ट्रपति की ओर से श्री संजय कुमार रावत को यह गौरवपूर्ण सम्मान प्रदान किया गया।
संजय कुमार रावत का राष्ट्रपति पदक के लिए चयन उनकी दीर्घकालीन उत्कृष्ट, सराहनीय एवं विशिष्ट सेवाओं के आधार पर 26 जनवरी 2025 को किया गया था। निर्धारित प्रक्रिया के उपरांत अब सीआरपीएफ के 88वें स्थापना दिवस समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान औपचारिक रूप से प्रदान किया गया।
कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवा का मिला सम्मान
श्री संजय कुमार रावत ने केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल में अपने सेवाकाल के दौरान कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, ईमानदारी, समर्पण एवं उत्कृष्ट सेवा-भाव का परिचय देते हुए संगठन के प्रति महत्वपूर्ण योगदान दिया। कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए उन्होंने सीआरपीएफ में एक समर्पित एवं अनुशासित अधिकारी के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।
उनकी सेवाओं एवं कार्य के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए उन्हें राष्ट्रपति पदक के लिए चयनित किया जाना उनके दीर्घकालीन योगदान का सम्मान है। यह पदक न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम और समर्पण की पहचान है, बल्कि उन सभी अधिकारियों एवं जवानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा एवं राष्ट्रहित में निरंतर अपना योगदान दे रहे हैं।
पौड़ी गढ़वाल के लिए गौरव का क्षण
श्री संजय कुमार रावत मूल रूप से ग्राम सतपाली, पट्टी रिग्वाडस्यू, जनपद पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड के निवासी हैं। पहाड़ की मिट्टी से निकलकर केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल जैसे प्रतिष्ठित सुरक्षा संगठन में अपनी सेवाएँ देना और उत्कृष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक प्राप्त करना उनके परिवार, गांव, क्षेत्र एवं पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है।

उनकी यह उपलब्धि उत्तराखंड के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायी है। सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले पहाड़ी क्षेत्रों से निकलकर राष्ट्र की सेवा के सर्वोच्च मानकों को प्राप्त करना यह संदेश देता है कि दृढ़ संकल्प, अनुशासन, ईमानदारी और निरंतर परिश्रम के बल पर किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी है राष्ट्रसेवा
श्री संजय कुमार रावत का राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण उनकी सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी है। सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त होने के उपरांत वर्तमान में वे मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली में सलाहकार (प्रशासनिक) के रूप में अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।

इस प्रकार सुरक्षा बल में लंबे समय तक देश की सेवा करने के बाद भी वे अपने अनुभव, प्रशासनिक दक्षता एवं कार्यकुशलता के माध्यम से राष्ट्रहित में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
अधिकारियों, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों ने दी बधाई
राष्ट्रपति पदक से सम्मानित होने पर सीआरपीएफ के अधिकारियों, पूर्व सहकर्मियों, परिजनों, मित्रों एवं शुभचिंतकों ने श्री संजय कुमार रावत को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।
सभी ने उनके उज्ज्वल सेवाकाल, कर्तव्य के प्रति समर्पण और राष्ट्रहित में किए गए योगदान की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ सीआरपीएफ की गौरवशाली सेवा परंपरा और उत्तराखंड की वीर एवं कर्मठ भूमि के लिए भी गर्व का विषय है।
संजय कुमार रावत को प्राप्त यह प्रतिष्ठित सम्मान सुरक्षा बलों के अधिकारियों एवं जवानों को राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण, उत्कृष्ट कार्य-संस्कृति, अनुशासन और उच्चतम व्यावसायिक मानकों के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करता रहेगा।
रावत को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। राष्ट्रसेवा के प्रति उनका समर्पण एवं उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहे।