दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में पहुंची सरकारी सेवाएं, लाभार्थियों को मिला योजनाओं का लाभ

भारत सरकार की प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) योजना एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत 18 से 25 मई तक “जनभागीदारी–सबसे दूर, सबसे पहले” जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोटद्वार तहसील के बोक्सा जनजाति बाहुल्य क्षेत्र स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय शिवराजपुर में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया।

छात्रावास अधीक्षक एवं कार्यक्रम के नोडल अधिकारी पंकज देवली ने बताया कि शिविर में बोक्सा जनजाति के दो लोगों को नए विद्युत कनेक्शन प्रदान किए गए। बाल विकास विभाग की योजनाओं के तहत एक गर्भवती महिला का पंजीकरण तथा एक लाभार्थी का नंदा गौरा योजना में पंजीकरण किया गया। इसके अलावा पांच नए आधार कार्ड बनाए गए तथा तीन आधार कार्ड अपडेट किए गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 36 लोगों को दवाएं वितरित की गई। वहीं टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 40 लोगों की स्क्रीनिंग, 15 लोगों के एक्स-रे तथा 10 लोगों के थूक (स्पुटम) के नमूने लिए गए। उन्होंने बताया कि बोक्सा जनजाति बाहुल्य वार्डों शिवराजपुर, जसोधरपुर, हल्दूखाता, लक्ष्मणपुर एवं लुथापुर के पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर लिया गया है। आगामी 25 मई को हल्दूखाता मल्ला में भी शिविर आयोजित किया जाएगा।

मेयर नगर निगम कोटद्वार शैलेन्द्र रावत ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनजातीय क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य सरकारी सुविधाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।

इस अवसर पर सहायक समाज कल्याण अधिकारी संजीव पाल, दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के नोडल अधिकारी धर्मेंद्र पंवार, उद्योग विभाग से देवेंद्र रावत, लाभार्थी हरि सिंह, कैलाश सिंह, इंद्रमोहन, मंजू देवी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

 

 

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