राज्य महिला आयोग की ओर से प्रदेशभर में 09 मार्च से 13 मार्च तक महिला जनसुनवाई कार्यक्रमों का आयोजन

पौड़ी गढ़वाल। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में राज्य महिला आयोग की ओर से प्रदेशभर में 09 मार्च से 13 मार्च तक महिला जनसुनवाई कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में विकास भवन सभागार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में महिला जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मंगलवार को आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान कुल 18 वादों की सुनवाई की गई, जिनमें से 13 वाद आयोग में पूर्व से लंबित थे। अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में प्राथमिकता के आधार पर वादी एवं प्रतिवादी को आयोग में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कुछ मामलों में संबंधित विभागीय अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण हेतु आवश्यक निर्देश प्रदान किए गए। महिला जनसुनवाई में कुछ मामलों की सुनवाई प्रत्यक्ष रूप से तथा कुछ मामलों की सुनवाई दूरभाष के माध्यम से की गई।

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि आयोग महिलाओं की सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति संवेदनशील है। आयोग न केवल शिकायतों की सुनवाई करता है, बल्कि समय-समय पर उनकी समीक्षा भी करता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम महिलाओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना संबंधित विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं को विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाए, ताकि वे उनका अधिकाधिक लाभ उठा सकें। इसके अतिरिक्त सभी कार्यालयों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन सुनिश्चित कर इसकी जानकारी आयोग को उपलब्ध कराई जाए तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के प्रति यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए पॉश एक्ट के संदर्भ में नियमित रूप से कार्यशालाओं का आयोजन कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता रखते हुए कार्यस्थलों का वातावरण सुरक्षित एवं अनुकूल बनाया जाए।

जनसुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की एक महिला प्रधानाचार्य द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी पर मानसिक उत्पीड़न और वेतन बाधित करने के आरोपों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष ने जिलाधिकारी स्तर पर जाँच कमेटी गठित करने और आरोपी अधिकारी के तत्काल स्थानांतरण के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए। इसी क्रम में यमकेश्वर क्षेत्र से प्राप्त फोटो वायरल करने की शिकायत और पुलिस की शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए अध्यक्ष ने उपस्थित पुलिस क्षेत्राधिकारी को दोषियों के विरुद्ध अविलंब मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए। वहीं, सीएचसी पाबौ में तैनात एक नर्सिंग अधिकारी द्वारा सहकर्मी रोहित रावत पर शराब पीकर अभद्र व्यवहार और सोशल मीडिया पर बदतमीजी करने की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल स्पष्टीकरण व स्थानांतरण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, 53 वर्षीय पीड़िता मंजू देवी का ई-श्रम कार्ड न बनने की समस्या का मौके पर ही समाधान कराते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्ड जारी करने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई के दौरान वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा में पाया गया कि अप्रैल 2025 से अब तक 540 पंजीकृत मामलों में से 460 का सफल निस्तारण किया जा चुका है।

इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का स्वागत करते हुए जनसुनवाई में प्राप्त वादों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं की सहायता एवं संरक्षण के लिए वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी परामर्श, मनोसामाजिक परामर्श तथा अस्थायी आश्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

इस दौरान जिला पंचायत सदस्य टीला शिवचरण नौटियाल, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, सीओ पुलिस तुषार बोरा, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, एसडीओ विद्युत गोविंद सिंह बिष्ट, अपर समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल, अधिवक्ता महिला आयोग दया राम, जिलाध्यक्ष भाजपा कमल किशोर रावत, पूर्व जिलाध्यक्ष सुषमा रावत, जिला उपाध्यक्ष जयवीर रावत सहित अन्य संबंधित अधिकारी, कर्मचारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

 

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