जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में राजस्व वृद्धि और पुराने राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण पर दिया जोर

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में शनिवार को कलक्ट्रेट सभागार में राजस्व संग्रहण एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व प्राप्ति, लंबित राजस्व वसूली, अवैध खनन, राजस्व वादों के निस्तारण, आपदा प्रबंधन, खाद्यान्न व्यवस्था तथा ई-ऑफिस प्रणाली की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की राजस्व प्राप्ति में निरंतर वृद्धि होनी चाहिए तथा किसी भी विभाग की राजस्व वसूली पिछले वर्ष की तुलना में कम नहीं रहनी चाहिए। जिन विभागों की राजस्व प्राप्ति अपेक्षाकृत कम है, वे कारणों का विश्लेषण करते हुए सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार करें और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण सुनिश्चित करें।

खनन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अवैध खनन एवं अवैध भंडारण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से कोटद्वार क्षेत्र में अभियान को और प्रभावी बनाने को कहा। जिन मामलों में अवैध भंडारण के चालान किए गए हैं, लेकिन संबंधित व्यक्तियों द्वारा धनराशि जमा नहीं की गई है, उन्हें नोटिस जारी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर आरसी की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही वैध खनन पट्टों का नियमित निरीक्षण कर रॉयल्टी जमा होने की जांच करने तथा निर्धारित सीमा से अधिक खनन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। ऐसे सभी मामलों की सूची तैयार कर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए गए।

राज्य कर विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण बढ़ाने तथा कौड़िया चेकपोस्ट पर निगरानी और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में उपजिलाधिकारी कोटद्वार द्वारा अवगत कराया गया कि चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर नियमित निगरानी की जा रही है।

बैठक में आबकारी विभाग को निर्देश दिए गए कि जिन मदिरा दुकानों द्वारा दूसरी सुरक्षा किश्त जमा नहीं की गई है, उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएं। साथ ही अवैध शराब की रोकथाम के लिए उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार नियमित निरीक्षण करें और संयुक्त अभियान चलाएं।

जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग को विभागीय परिसंपत्तियों से संबंधित लंबित देयकों की सूची तैयार कर शीघ्र वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंचायत को संपत्तिवार एवं माहवार कर निर्धारण कर राजस्व प्राप्ति बढ़ाने को कहा। साथ ही विद्युत विभाग को स्मार्ट मीटरों से प्राप्त बिलों का विश्लेषण करते हुए राजस्व संग्रहण की समीक्षा करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में वन, परिवहन, निबंधन एवं सिंचाई विभागों को भी राजस्व प्राप्ति बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विचाराधीन राजस्व वादों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों की प्रति सप्ताह नियमित सुनवाई कर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने धारा 166 एवं 167 के मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने को कहा। जिलाधिकारी ने सभी पीठासीन अधिकारियों को अपने न्यायालयों का निरीक्षण कर लंबित मामलों की सूची तैयार करने तथा अगले एक माह के भीतर अधिकाधिक मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही तहसीलदारों को भी राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष प्रयास करने को कहा गया। साथ ही विविध देय वसूली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बड़े बकायेदारों से नियमानुसार वसूली की कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को पूर्ति निरीक्षकों के साथ राशन कार्डों का सत्यापन कराने तथा आपदा की दृष्टि से सभी गोदामों में अतिरिक्त खाद्यान्न, राहत किट एवं आवश्यक उपकरण उपलब्ध रखने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा की स्थिति में राहत सामग्री तत्काल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाई जाए।

बैठक में दैवीय आपदा की तैयारियों की भी समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसी भी आपदा की सूचना मिलने पर संबंधित राजस्व उपनिरीक्षक उसी दिन मौके पर पहुंचकर क्षति का आकलन करें तथा तीन दिनों के भीतर राहत राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को स्वयं भी आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने तथा प्रत्येक शनिवार राहत वितरण की अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त जनपद की 61 पटवारी चौकियों के मरम्मत कार्य हेतु धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मरम्मत कार्य अगस्त माह तक पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि राजस्व व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।

बैठक के दौरान अधीनस्थ न्यायालयों से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी अभियुक्त के रिहा होने की स्थिति में नियमानुसार एक सप्ताह के भीतर अपील की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित पुनर्विवेचना के मामलों की विशेष समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। बैठक में ई-ऑफिस प्रणाली की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण तथा कार्यालयों में डिजिटल कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एफ.आर. चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, आरटीओ विमल पाण्डेय, जिला पर्यटन विकास अधिकारी कमल किशोर जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, पुलिस क्षेत्राधिकारी तपेश कुमार चंद, एआरटीओ मंगल सिंह, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला, सब रजिस्ट्रार आयुषी कश्यप, ईडीएम सचिन भट्ट, एलडीएम किशन रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *