पौड़ी, 30 नवम्बर 2025:जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भालू की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए वन विभाग द्वारा चलाया जा रहा जागरूकता अभियान सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के लिए विभागीय टीमें लगातार गश्त कर रही हैं और गांव–गांव जाकर लोगों को सुरक्षा संबंधी जानकारी दे रही हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शाम और सुबह के समय विशेष सावधानी बरतने, खेतों या जंगलों में अकेले न जाने और किसी भी वन्यजीव गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की अपील की है।विभाग का कहना है कि सामुदायिक जागरूकता और सतर्कता ही मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
डीएफओ गढ़वाल अभिमन्यु सिंह ने बताया कि ग्रामीण यदि अपने घरों के आसपास की झाड़ियों को काटकर खुला क्षेत्र बनाएं, किसी कार्य हेतु जाते समय समूह में चलें और बच्चों को अकेला न छोड़ें, तो भालू से सामना होने की स्थिति में खतरा काफी कम हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि खाने का कचरा खुले में न फेंके। उन्होंने बताया कि भालू एवं अन्य वन्यजीवों से संघर्ष रोकने के लिए विभाग विभिन्न माध्यमों से व्यापक प्रचार–प्रसार कर रहा है। पंपलेट वितरण, जागरूकता बैठकें, सोशल मीडिया मैसेज एवं जन–संपर्क अभियानों के माध्यम से सावधानियां आम लोगों तक पहुँचायी जा रही हैं।
डीएफओ ने बताया कि यदि किसी क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल टोल फ्री नंबर 1926 पर सूचना दें, जिससे समय रहते टीम मौके पर पहुँचकर आवश्यक कार्यवाही कर सके। उन्होंने आमजनमान से अपील करते हुए कहा कि विभाग का सहयोग करें, जिससे मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम किया जा सके।