पौड़ी 02 सितंबर, 2026:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं प्रयोगात्मक शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों के तहत जनपद पौड़ी गढ़वाल में छात्र-छात्राओं को कक्षा शिक्षण के साथ व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में जनपद मुख्यालय स्थित डॉ अंबेडकर विज्ञान संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए विज्ञान को करीब से समझने और उसके प्रयोगात्मक पहलुओं को जानने का उपयोगी माध्यम बन रहा है।
बुधवार को जनता इंटर कॉलेज ल्वाली की कक्षा नौवीं और 11वीं के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान संग्रहालय का भ्रमण कर विज्ञान से जुड़े विभिन्न मॉडलों और उपकरणों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान विद्यार्थियों ने कई वैज्ञानिक मॉडलों को स्वयं प्रयोग कर उनके कार्य करने के तरीके तथा उनके पीछे छिपे वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझा।
विज्ञान संग्रहालय में तैनात शिक्षक ने विद्यार्थियों को विभिन्न वैज्ञानिक अवधारणाओं की जानकारी देते हुए मॉडलों का प्रयोग एवं प्रदर्शन करवाया। छात्र-छात्राओं ने सोलर पैनल, इन्फिनिटी वेल, कलर मिक्सचर, प्लाज्मा ग्लोब, सस्पेंशन ब्रिज सहित अन्य वैज्ञानिक मॉडलों को करीब से देखा और उनके कार्य करने की प्रक्रिया को समझा।
छात्रा हिमांशी नेगी ने कहा कि संग्रहालय में उन्हें उन वैज्ञानिक अवधारणाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला, जिन्हें अब तक उन्होंने किताबों में पढ़ा था। उन्होंने कहा कि मॉडलों को देखकर और स्वयं प्रयोग करके विज्ञान को समझना रोचक और ज्ञानवर्धक अनुभव रहा।
छात्र दिव्यांशु कुमार ने कहा कि विज्ञान संग्रहालय में स्थापित वैज्ञानिक मॉडल विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी हैं। प्रयोगात्मक तरीके से विज्ञान सीखने से कठिन विषयों को समझना आसान होता है और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा एवं रुचि भी बढ़ती है।
छात्र-छात्राओं ने पौड़ी में विज्ञान संग्रहालय स्थापित किए जाने के लिए जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संग्रहालय के माध्यम से विज्ञान अब केवल किताबों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उसे प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिल रहा है। इससे विद्यार्थियों में नई चीजें सीखने, सवाल पूछने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने की भावना को बढ़ावा मिल रहा है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ते हुए उनके सीखने के अनुभव को अधिक रोचक, व्यावहारिक और प्रभावी बनाना है, ताकि विद्यालयी शिक्षा के साथ-साथ उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार की भावना भी विकसित हो।
इस अवसर पर सहायक अध्यापक उत्कर्ष भट्ट, हेमंत सिंह सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।