कोटद्वार के बालासौड़ वार्ड संख्या 24 निवासी, साहित्य, ज्योतिष एवं शिक्षाजगत से जुड़ीं डॉ. सुनीता डंडरियाल को काशी हिंदी विद्यापीठ, वाराणसी, उत्तर प्रदेश द्वारा ‘विद्यासागर’ ( डी . लिट.समतुल्य) मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान उन्हें साहित्य, शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया है। डॉ. सुनीता डंडरियाल लंबे समय से शिक्षा एवं साहित्य और ज्योतिष के क्षेत्र में सक्रिय रहकर समाज को प्रेरित करने का कार्य कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि डॉ. सुनीता डंडरियाल इससे पूर्व भी ‘विद्यावाचस्पति’ (पी. एच. डी. समतुल्य) की मानद उपाधि से सम्मानित हो चुकी हैं। इसके साथ ही उन्हें साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए ‘दिव्य गंगा सेवा मिशन हरिद्वार’ द्वारा “साहित्य भूषण सम्मान” २०२६ से सम्मानित किया गया । राज्य स्तर पर उन्हें “दक्ष दिव्यांग पुरस्कार” से सम्मानित किया जा चुका है।

डॉ. डंडरियाल की उपलब्धि पर उनके परिवार, परिचितों एवं साहित्य जगत से जुड़े लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। शिक्षा , ज्योतिष और साहित्य के क्षेत्र में उनके निरंतर योगदान को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया गया।
डॉ. सुनीता डंडरियाल ने कहा कि प्राप्त सम्मान उन्हें भविष्य में शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में और अधिक कार्य करने की प्रेरणा देता है।