आचार्य सिद्धार्थ नैथानी को ‘विद्या-वाचस्पति’ मानद उपाधि से सम्मानित

कोटद्वार डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, कोटद्वार में हिन्दी एवं संस्कृत के शिक्षक तथा सिद्धबली गुरुकुल एवं श्री परमार्थ निकेतन गुरुकुल, कण्वाश्रम में आयोजित संस्कृत शिविरों के प्रशिक्षक आचार्य सिद्धार्थ नैथानी को शिक्षा, हिन्दी, संस्कृत एवं भारतीय संस्कृति के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए काशी हिन्दी विद्यापीठ, वाराणसी द्वारा ‘विद्या-वाचस्पति’ (मानद सम्मान) से सम्मानित किया गया है।

यह सम्मान समारोह दिव्य गंगा मिशन, हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के शिक्षाविदों, साहित्यकारों एवं समाजसेवियों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आचार्य नैथानी को शिक्षा, साहित्य, संस्कृत प्रचार-प्रसार, शोध कार्य तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

आचार्य नैथानी वर्तमान में डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, कोटद्वार में विद्यार्थियों को हिन्दी एवं संस्कृत विषय का अध्यापन करा रहे हैं। विद्यालय में उनके मार्गदर्शन में अनेक विद्यार्थियों ने संस्कृत भाषण, श्लोक-पाठ, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सम्मान प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त वे सिद्धबली गुरुकुल तथा श्री परमार्थ निकेतन गुरुकुल, कण्वाश्रम में आयोजित संस्कृत शिविरों के माध्यम से युवाओं एवं विद्यार्थियों को संस्कृत भाषा, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

उनकी इस उपलब्धि पर डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, कोटद्वार के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। विद्यालय परिवार ने इसे संस्थान तथा क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

आचार्य नैथानी ने इस सम्मान को अपने गुरुजनों, माता-पिता,डी ए वी विद्यालय कोटद्वार परिवार के सहयोगियों एवं विद्यार्थियों के स्नेह, सहयोग और आशीर्वाद का परिणाम बताते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि हिन्दी, संस्कृत, भारतीय संस्कृति एवं शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत सभी लोगों के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है।

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