देहरादून। उत्तराखंड सरकार के निर्देशों के तहत सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के अभियान में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विकासनगर तहसील क्षेत्र के शीशमबाड़ा में सरकारी भूमि पर बने अवैध मजार और अन्य अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासनिक जांच में संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज पाई गई थी, जिस पर अवैध रूप से कब्जा कर मजार संचालित किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार नियमानुसार नोटिस जारी करने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और अतिक्रमण को शांतिपूर्ण तरीके से हटाया गया। प्रशासन ने भूमि को कब्जामुक्त कर अपने नियंत्रण में ले लिया है।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि जनपद में सरकारी भूमि पर किए गए किसी भी अवैध कब्जे को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभिन्न तहसीलों में चिन्हित अतिक्रमण स्थलों का सर्वेक्षण कराया जा रहा है और चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई जारी रहेगी।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कहा कि सरकारी भूमि जनता की संपत्ति है और उसका संरक्षण प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी भूमि पर नए अतिक्रमण की रोकथाम के लिए नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे या अतिक्रमण की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन का अभियान लगातार जारी है और आने वाले दिनों में ऐसे मामलों में और भी बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।