कोटद्वार। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में पिछले 150 दिनों से चल रहा धरना प्रदर्शन आज समाप्त हो गया। प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) के आश्वासन के बाद अपना आंदोलन खत्म करने की घोषणा की।
बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों द्वारा स्मार्ट मीटर को लेकर लंबे समय से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगाने से बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और कई तकनीकी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।
मंगलवार को प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद एसडीएम ने उनकी समस्याओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने और उचित समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने आपसी सहमति से 150 दिनों से जारी धरना प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया।150 दिनों का लंबा संघर्ष किसी भी नागरिक आंदोलन के लिए एक बड़ी बात होती है।
जनाधिकार मंच (सामाजिक संस्था )ने आंदोलन को एक मजबूत मंच प्रदान किया और स्थानीय लोगों को संगठित करने में अहम भूमिका निभाई।महेश नेगी (एडवोकेट) की उपस्थिति ने आंदोलन के कानूनी और तार्किक पक्ष को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह दिखाता है कि वहां के लोगों में स्मार्ट मीटर को लेकर कितनी गहरी चिंताएं थीं।उपभोक्ताओं को डर था कि स्मार्ट मीटर से आर्थिक बोझ बढ़ेगा और तकनीकी गड़बड़ियां हो सकती हैं।ज्ञापन देने वालों में वार्ड नंबर 14 की पार्षद रीता देवी, महेश नेगी (एडवोकेट), आसाराम (जन अधिकार मंच सामाजिक संस्था), रंजना रावत, बलवीर रावत, चंद्रपाल सिंह खेतवाल, मदन सिंह नेगी, परमानंद, सुनील कुमार, फरीदा, मुमताज, नजमीन, मोहम्मद अली, आयशा और सुरेंद्र रावत आदि मौजूद रहे।