विराट कोहली है पार्थ के आइडल क्रिकटर, बैटिंग के साथ विकेट कीपिंग का भी है पार्थ पर हुनर
13 जनवरी को टीम के साथ इंदौर के लिए होंगे रवाना
किसी ने सही कहा है कि मेहनत हमेशा रंग लाती है, बस अपनी लगन पर डटे रहना चाहिए। इस कथन को चरितार्थ किया है राजधानी देहरादून के मियाँवाला क्षेत्र में रहने वाले होनहार खिलाड़ी पार्थ परमार ने, जिनका चयन उत्तराखंड अंडर-14 आयु वर्ग की क्रिकेट टीम में हुआ है। क्रिकेट टीम में चयन होने से उनके घर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। परिवार और क्षेत्रवासियों की ओर से उन्हें लगातार बधाई संदेश मिल रहे हैं।क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड द्वारा गत वर्ष दिसंबर माह में छिद्दरवाला स्थित आयुष क्रिकेट अकादमी में अंडरदृ14 वर्ग के ट्रायल आयोजित किए गए थे। इन ट्रायल्स में कुल 20 खिलाड़ियों का चयन उत्तराखंड अंडरदृ14 टीम के लिए किया गया, जिसमें देहरादून के मियाँवाला निवासी पार्थ परमार का चयन एक बल्लेबाज और विकेटकीपर के रूप में हुआ है।
पार्थ परमार के पिता चंद्रपाल सिंह परमार एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं और मियाँवाला में एक कन्फेक्शनरी की दुकान संचालित करते हैं। उन्होंने बताया कि पार्थ को बचपन से ही क्रिकेट में गहरी रुचि रही है। पार्थ वर्ष 2018 से क्रिकेट खेल रहा है और आज उत्तराखंड अंडरदृ14 टीम में चयन होकर न केवल उसने स्वयं का उत्साह बढ़ाया है, बल्कि पूरे परिवार को भी गौरवान्वित किया है।
पिता ने बताया कि पार्थ बचपन से ही विराट कोहली को अपना आदर्श क्रिकेटर मानता है। अब तक पार्थ लगभग 350 मैच खेल चुका है, जिसमें उसने 24 शतक लगाए हैं और 13,000 से अधिक रन बनाए हैं।

उत्तराखंड अंडरदृ14 टीम में चयन का श्रेय पार्थ ने अपने माता-पिता को दिया है। पार्थ का कहना है कि माता-पिता ने हमेशा उसे खेल के प्रति पूरी स्वतंत्रता और समर्थन दिया, जिसके कारण आज उसे प्रदेश का नाम रोशन करने का अवसर मिला है। पार्थ ने कहा कि वह इस मंच पर अच्छा प्रदर्शन कर अधिक से अधिक रन बनाना चाहता है और टीम को जीत दिलाने में योगदान देना चाहता है।
पार्थ ने जानकारी दी कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की अंडर14 टीम मंगलवार, 13 जनवरी को 15 दिनों के लिए इंदौर रवाना होगी, जहां टीम राज सिंह डूंगरपुर ट्रॉफी में प्रतिभाग करेगी।
शुरुआत से ही पार्थ में क्रिकेट के प्रति था जुनूनः कोच
हिमालय क्रिकेट अकादमी में पार्थ परमार के कोच विजय सिंह उर्फ बंटू ने बताया कि पार्थ बचपन से ही क्रिकेट के प्रति जुनून रखता था। बंटू ने बताया कि पार्थ ने शुरुआती दौर पर अपनी प्रतिभा और अपने टैलेंट से हम सभी का दिल जीता है। जो कि उसे अकादमी में और खिलाड़ियों से अलग दिखाता है। कोच बंटू ने बताया कि पार्थ की मेहनत और लगन का नतीजा है कि आज क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ उत्तराखंड में उसका चयन हुआ है।
एकेडमिक्स में भी कोई कमी नहींः पुष्पा
पार्थ की माँ पुष्पा परमार ने बताया कि पार्थ खेल के साथ पढ़ाई पर भी पूरा फोकस रखता है। पार्थ की मां पुष्पा ने बताया कि पार्थ राजहंस स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र है। पुष्पा ने बताया कि पार्थ ने आज जो मुकाम हासिल किया है उससे न केवल पार्थ के सपनों में नई उड़ान मिलेगी, बल्कि हमें भी गर्व से पार्थ की मां कहलाने का मौका दिया है।