कोटद्वार। नगर निगम अब नगर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपने की तैयारी कर रहा है।नगर निगम के महापौर रावत ने कहा कि, “हमारी इस पहल से कहीं न कहीं मातृशक्ति और बहनों की आय में भी वृद्धि होगी। यह न केवल स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक सार्थक कदम साबित होगा।”
इस संबंध में शनिवार को नगर निगम प्रेक्षागृह में एक सामूहिक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी और शहर की विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएँ मौजूद रहीं। बैठक की अध्यक्षता नगर निगम के मेयर शैलेन्द्र सिंह रावत ने की।
मेयर रावत ने बताया कि नगर निगम में सफाई कर्मियों की संख्या जरूरत से काफी कम है, जिससे नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस समस्या से स्थायी समाधान के रूप में महिला स्वयं सहायता समूहों को शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। नए-नए कामों को शुरू करने में अक्सर संशय रहता है कि हम कर पाएंगे या नहीं। लेकिन अब समय आ गया है कि पारंपरिक सोच से बाहर निकलकर नई योजनाओं पर काम किया जाए।”
बैठक में महिला समूहों को सफाई कार्य में भागीदारी देने के साथ-साथ उन्हें पारितोषिक और नगर निगम की आय में से बोर्ड द्वारा प्रस्तावित धनराशि देने की योजना की जानकारी साझा की गई। मेयर ने कहा कि इससे न केवल नगर की स्वच्छता में सुधार होगा, बल्कि महिलाओं को रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर भी मिलेगा।
नगर निगम अधिकारियों ने समूहों को प्रशिक्षण, संसाधन और तकनीकी सहयोग देने का भी आश्वासन दिया, ताकि वे सफाई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाल सकें।
यह पहल न केवल शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक होगी, बल्कि सामाजिक भागीदारी और महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।