जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशों के क्रम में बच्चों की सुरक्षा एवं अधिकारों के प्रति जानकारी बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित जन-जागरुकता अभियान के तहत मास्टर माइंड पब्लिक स्कूल, श्रीनगर गढ़वाल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों, उनके अधिकारों तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध सहायता एवं सेवाओं के बारे में जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम में समन्वयक अभिषेक नेगी ने छात्र-छात्राओं को महिला कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली, बाल संरक्षण से संबंधित सेवाओं तथा दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि यह कानून बच्चों को लैंगिक अपराध एवं यौन शोषण से संरक्षण प्रदान करता है।
बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता भट्ट ने समिति की भूमिका एवं कार्यप्रणाली के साथ ही पॉक्सो अधिनियम, 2012 तथा बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास से जुड़े प्रावधानों की जानकारी साझा की। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी कठिन अथवा असुरक्षित परिस्थिति में बिना संकोच सहायता लेने का आह्वान किया।
जिला बाल संरक्षण इकाई से शिखा खरे ने बाल अधिकारों, बाल संरक्षण एवं बाल विवाह की रोकथाम के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों को समझाते हुए बच्चों को इसके प्रति जागरूक रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर इसकी सूचना संबंधित तंत्र को देने के लिए प्रेरित किया। वहीं, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की पूजा नेगी ने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन की उपयोगिता और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी बच्चे को संकट, हिंसा, शोषण, बाल विवाह अथवा किसी अन्य कठिन परिस्थिति का सामना करना पड़े तो सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर संपर्क किया जा सकता है।
जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सुरक्षित वातावरण में रहने, अपने अधिकारों के प्रति जागरुक रहने तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर अभिभावक, शिक्षक, विश्वसनीय व्यक्ति अथवा संबंधित सहायता तंत्र से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की जानकारी देकर उन्हें जागरूक, सुरक्षित एवं सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों सहित विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मीना रावत, लगभग 170 छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।