भ्रष्टाचार के रोकथाम को लेकर मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार द्वारा शुक्रवार को ली गयी एंटी करप्शन कमेटी (1064) की समीक्षा बैठक के क्रम में एनआईसी कक्ष में जिलाधिकारी पौड़ी द्वारा भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और प्रशासनिक कार्यशैली को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने हेतु महत्वपूर्ण दिशा- निर्देश दिए गए।
बैठक में सभी विभागों को भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए विभागीय स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही विजिलेंस एक्ट 1905, सेवा के अधिकार अधिनियम, एवं अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रत्येक विभाग में भ्रष्टाचार रोकथाम के लिए निगरानी समिति के गठन का निर्देश देते हुए नागरिक केंद्रित (citizen centric) दृष्टिकोण अपनाते हुए जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रत्येक माह भ्रष्टाचार निवारण विषय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से समीक्षा बैठक ली जाएगी। विशेष रूप से वह विभाग अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करें, जिनका जनता से सीधा संपर्क होता है। साथ ही जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, जॉब कार्ड, राशन कार्ड, समाज कल्याण पेंशन, खाता खतौनी आदि से संबंधित जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए।
बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे विभागीय कर्मचारियों की गलतियों पर ध्यान देते हुए, आवश्यकतानुसार चेतावनी पत्र जारी करें। साथ ही निर्देश दिया गया कि नागरिकों के प्रति संवेदनशील रहते हुए प्रशासनिक सेवाओं को सुचारू एवं पारदर्शी बनाएँ। साथ ही, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए सभी मामलों की सतर्कता से निगरानी करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविन्दर कौर आदि उपस्थित थे।