जनपद में एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख़्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा चलाए जा रहे औचक निरीक्षण अभियान के तहत गैस गोदामों, पेट्रोल पंपों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इस अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को पूरे जनपद में 66 प्रतिष्ठानों की जांच की गयी, जिनमें 11 गैस गोदाम, एक पेट्रोल पंप और 54 व्यावसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। कोटद्वार क्षेत्र में दो गैस गोदाम और पांच व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गयी, जबकि दुगड्डा में एक गैस गोदाम और छह प्रतिष्ठानों का निरीक्षण हुआ। इसी तरह कोट-खोलाचौरी में एक गैस गोदाम, पाबौ में एक गैस गोदाम व 20 व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा सतपुली में एक गैस गोदाम की जांच की गयी। लक्ष्मणझूला क्षेत्र में 10 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण हुआ, जबकि नौगांवखाल में एक गैस गोदाम, एक पेट्रोल पंप और आठ प्रतिष्ठानों की जांच की गयी। थलीसैंण में एक गैस गोदाम, उफरैंखाल व रिखणीखाल में दो गैस गोदाम और पांच व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। वहीं धुमाकोट-नैनीडांडा क्षेत्र में भी एक गैस गोदाम की जांच की गयी।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में टीमों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और निर्धारित मानकों के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अलग-अलग स्थानों पर गैस गोदामों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गतिविधियों को परखा गया, ताकि कहीं भी अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि खाद्य निरीक्षकों की टीमों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि आपूर्ति व्यवस्था पारदर्शी बनी रहे और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।