जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत जिलास्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक एनआईसी कक्ष में आयोजित की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जो आवेदन लंबित हैं उनका निस्तारण करना सुनिश्चित करें
गुरुवार को आयोजित बैठक में नगर निगम कोटद्वार, खंड विकास अधिकारी दुगड्डा व द्वारीखाल के स्तर पर अधिक आवेदन लंबित होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए तीनों अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम कोटद्वार के स्तर से 1330 आवेदन लंबित व ग्रामीण क्षेत्र में विकासखंड दुगड्डा स्तर पर 201, जबकि विकासखंड द्वारीखाल के स्तर पर 314 आवेदन लंबित हैं। उन्होंने तीनों अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि लंबित आवेदनों का निस्तारण तत्काल करें। उन्होंने यह भी कहा कि योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का त्वरित गति से निष्पादन किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजना के क्रियान्वयन में तत्परता दिखाएं और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र लाभार्थी इससे वंचित न रहे। बैठक में बताया गया कि जनपद में 3959 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें शहरी क्षेत्र में 2074 व ग्रामीण क्षेत्र में 1885 आवेदन शामिल हैं।
बैठक में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, प्रशिक्षु पीसीएस कृष्णा त्रिपाठी व महाप्रबंधक उद्योग सोमनाथ गर्ग सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।