बाजपुर में भीषण ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, सूचना मिलते ही किसानों के बीच पहुंचे सीएम धामी

बाजपुर। उत्तराखंड के बाजपुर क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर हुई भीषण ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने त्वरित पहल करते हुए प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद बाजपुर पहुंचकर खेतों का स्थलीय निरीक्षण किया और प्रभावित किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और उन्हें नियमानुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

ओलावृष्टि की सूचना मिलते ही बदला कार्यक्रम

शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे बाजपुर क्षेत्र में अचानक हुई भीषण ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा। उस समय मुख्यमंत्री धामी हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे। जैसे ही उन्हें ओलावृष्टि और किसानों को हुए नुकसान की जानकारी मिली, उन्होंने खराब मौसम के बावजूद हेलीकॉप्टर को बाजपुर की ओर ले जाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद बाजपुर में उतरकर प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे बातचीत कर नुकसान की जानकारी प्राप्त की।

किसानों की समस्याएं सुनीं,सहायता का दिया भरोसा

स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों से संवाद कर उनकी परेशानियों और फसलों को हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में सरकार किसानों के साथ खड़ी है। किसानों के हितों की रक्षा करना और उन्हें राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।

अधिकारियों को तत्काल सर्वे के निर्देश

मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का विस्तृत सर्वेक्षण कर नुकसान का आकलन प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जाए ।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नुकसान के आकलन से लेकर राहत वितरण तक किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। पूरी प्रक्रिया संवेदनशीलता,पारदर्शिता और तत्परता के साथपूरी की जाए प्रभावित किसानों को समय पर सहायता मिल सके।

मुख्यमंत्री के त्वरित दौरे से प्रभावित किसानों को अपनी समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचाने का अवसर मिला। अब प्रभावित किसानों को फसलों के नुकसान के आकलन और नियमानुसार राहत कार्रवाई का इंतजार है।

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *