एनसीईआरटी की राष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित हुआ डॉ.अतुल और पूनम का शोध       

गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे शोधों में एक और महत्वपूर्ण योगदान जुड़ गया है। डॉ.अतुल और पूनम द्वारा किए गए शोध को एनसीईआरटी नई दिल्ली की राष्ट्रीय पत्रिका प्राथमिक शिक्षक में स्थान मिला है। यह शोध विशेष रूप से पढ़ने और लिखने की आदतों पर किए गए नवाचारों पर केंद्रित है,जो छात्रों की बौद्धिक और शैक्षणिक दक्षता को सुधारने में सहायक साबित हो सकता है। इस शोध कार्य को पाबों विकासखंड के राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय पोखरीखेत में कार्यरत शिक्षिका पूनम बमराडा व राजकीय प्राथमिक विद्यालय चौरखाल में कार्यरत डॉ.अतुल बमराडा द्वारा पूर्ण किया गया है। वे अपने शैक्षणिक प्रयासों के माध्यम से बच्चों में अध्ययन के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। यह शोध मुख्य रूप से पढ़ने और लिखने की आदतों को बेहतर बनाने के लिए किए गए नवाचारों पर केंद्रित है। अध्ययन में यह देखा गया कि पारंपरिक शिक्षण पद्धतियों की तुलना में नए तरीकों को अपनाने से छात्रों में सीखने की क्षमता अधिक विकसित होती है। एनसीईआरटी द्वारा इस शोध को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देना शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस अध्ययन से न केवल शिक्षकों को नई तकनीकों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी,बल्कि छात्रों की अकादमिक प्रगति में भी सुधार होगा। शिक्षाविदों का मानना है कि इस शोध से शिक्षा क्षेत्र में नए बदलावों को अपनाने की प्रेरणा मिलेगी और छात्रों को अधिक प्रभावी ढंग से पढ़ने और लिखने की आदतें विकसित करने में मदद मिलेगी। इस शोध की सफलता से स्पष्ट है कि अगर शिक्षण पद्धतियों में नवाचार लाए जाएं,तो छात्रों के विकास में क्रांतिकारी परिवर्तन संभव है। यह उपलब्धि न केवल क्षेत्र के लिए गर्व की बात है,बल्कि संपूर्ण शिक्षा जगत के लिए एक प्रेरणास्रोत भी है।

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